बोझ
पार्क में अक्सर
देखती हूँ
हमारे घर की
कामवालियाँ
बैठ जाती है
झुरमुट बनाकर
पार्क में अक्सर
देखती हूँ
हमारे घर की
कामवालियाँ
बैठ जाती है
झुरमुट बनाकर
सुनाने लगती है
किस्से
शराब पी कर आये
पति द्वारा पिटाई के
पति की बेवफाई के
बच्चों के दर्द
आटे दाल का भाव
और आँसू पोंछ कर
चली जाती है
हलकी होकर
और हम बड़े लोग
अधरो पर बनावटी
मुस्कान चिपकाये
कई दर्द दिल में दबाये
झूठी शान का टनो बोझ
सर पर लिए
पार्क में
चक्कर पर चक्कर
लगाते रहते है
वजन
घटाने के लिए
vandana bajpai
(7.12.13)