बुधवार, 27 अगस्त 2025

वंदना बाजपेयी के कुंडलियाँ छंद

 


अमरीकी दादागिरी, ट्रम्प-टैरिफी खेल

कहे मान भारत कहा, बेच न सस्ता तेल

बेच न सस्ता तेल, रीढ़ क्यों रखे सीधी

इस दुनिया पर राज, सदा करते अमरीकी              

‘वंदना’ धमकी हाय, लगे पर फीकी-फीकी

भारत हुआ सशक्त, सहे न धौंस अमरीकी

वंदना बाजपेयी


सीजन शादी का लगा, संग साथ त्योहार

इतराया सोना बहुत, हुआ लाख के पार

 हुआ लाख के पार, आन बिटिया की शादी

चाचा जी हैरान, टली अब सब्जी-भाजी

लगी पूँछ क्यों आग, नहीं दें कोई रीजन

पगड़ी टोपी बेच, कटे अब शादी सीजन

वंदना बाजपेयी    


सोमवार, 25 अगस्त 2025

बारिश पर कुंडली छंद

 




बादल की पायल पहन, बरखा करती नृत्य

बूँद-बूँद रौने झरें, हुई धरा कृतकृत्य

हुई धरा कृतकृत्य, पहन कर हरियल साड़ी

सुर मिला सखी संग, खिली स्वर्णिम फुलवाड़ी

जीवन का विस्तार, सृजनकर्ता का दल-बल

बरखा-धरा प्रमाद, हेतु बन जाता बादल

वंदना बाजपेयी