शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015

हां ! वो देवी ही है

हां ! वो देवी ही है

बहुत जरूरी है आज उसका पूजन
क्योकि
वो देवी ही है .......... 
जो पुत्र कि आस में
पलती रही
माँ के गर्भ में
और सिकुड़ती रही भय से
भीतर ही भीतर
वो देवी ही है ..........
तभी तो बच गयी थी
डॉक्टर कि सीरिंज के
वीभत्स प्रयासों से
माँ के गर्भ में
वो देवी ही है.........
तभी तो
उसको जनने के अपराध में
माँ को मिले समाज के ताने
और
बेचारी कि उपाधियों के बाद भी
जीवित रही
वो देवी ही है..........
जो अपने ही घर में
भाई और अपनी थाली के मध्य
होने वाले भेद -भाव
को सहती रही
मुस्कुरा कर
वो देवी ही है ..........
जो स्वीकार लेती है
कि भाई कि उच्च शिक्षा के
खर्चे के लिए
जरूरी है
उसका अल्पशिक्षित रह जाना
पूजो ... जरूर पूजो
पूजी ही जानी चाहिए
क्योंकि जो बच गयी हैं
वो सब देवियाँ ही हैं ...........
कन्याएं तो कबकी मारी जा चुकी हैं
कुछ जान से
कुछ अपमान से
वंदना बाजपेई

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