सर्वश्रेष्ठ कविता
केवल महसूस कि गयी है
पर
अब तक लिखी नहीं गयी हैं
दुनियाँ कि सवर्श्रेष्ठ कवितायें
न कभी लिखी जा सकती है
वो
जो बहती हैं
अनाम आँखों से
ह्रदय के ताप से
रिसती हैं मन के कोनों से
बिना शब्दों का आवरण पहने
अपने यथार्थ रूप में
बिना सुने ,बिना कहे
एक दिन
राख बन कर
तिरोहित हो जाती हैं गंगा में
फिर शुरू हो जाता है
बूँद से बादल
और बादल से सागर तक का सफ़र
हो सके तो
बस महसूस करों
अनगढ़ सी
अपने आस -पास कि कविताओ को
क्योंकि ,हर जीवन एक कविता है
अनकही
अनसुनी
पर
अब तक लिखी नहीं गयी हैं
दुनियाँ कि सवर्श्रेष्ठ कवितायें
न कभी लिखी जा सकती है
वो
जो बहती हैं
अनाम आँखों से
ह्रदय के ताप से
रिसती हैं मन के कोनों से
बिना शब्दों का आवरण पहने
अपने यथार्थ रूप में
बिना सुने ,बिना कहे
एक दिन
राख बन कर
तिरोहित हो जाती हैं गंगा में
फिर शुरू हो जाता है
बूँद से बादल
और बादल से सागर तक का सफ़र
हो सके तो
बस महसूस करों
अनगढ़ सी
अपने आस -पास कि कविताओ को
क्योंकि ,हर जीवन एक कविता है
अनकही
अनसुनी
वंदना बाजपेई
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