शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015


सर्वश्रेष्ठ कविता 


केवल महसूस कि गयी है
पर
अब तक लिखी नहीं गयी हैं
दुनियाँ कि सवर्श्रेष्ठ कवितायें
न कभी लिखी जा सकती है 
वो
जो बहती हैं
अनाम आँखों से
ह्रदय के ताप से
रिसती हैं मन के कोनों से
बिना शब्दों का आवरण पहने
अपने यथार्थ रूप में
बिना सुने ,बिना कहे
एक दिन
राख बन कर
तिरोहित हो जाती हैं गंगा में
फिर शुरू हो जाता है
बूँद से बादल
और बादल से सागर तक का सफ़र
हो सके तो
बस महसूस करों
अनगढ़ सी
अपने आस -पास कि कविताओ को
क्योंकि ,हर जीवन एक कविता है
अनकही
अनसुनी
वंदना बाजपेई

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