!!!!!!!!!अनुमान !!!!!!!!!
पूरी उम्र
चौबीसों घंटे
चारों पहर ,आठों याम
मखमली दुर्गों की देहरी पर
टंका गहरा पर्दा
करना है अवलोकन उस पार
या लगाना है मात्र अनुमान
चेहरे ,मोहरे ,आकृति ,प्रकृति ,भाव -भंगिमाओं से
सही -गलत
झूठ -सच
धर्म -अधर्म
हे ईश्वर !
ये जीवन इतना दुष्कर क्यों है ?
चौबीसों घंटे
चारों पहर ,आठों याम
मखमली दुर्गों की देहरी पर
टंका गहरा पर्दा
करना है अवलोकन उस पार
या लगाना है मात्र अनुमान
चेहरे ,मोहरे ,आकृति ,प्रकृति ,भाव -भंगिमाओं से
सही -गलत
झूठ -सच
धर्म -अधर्म
हे ईश्वर !
ये जीवन इतना दुष्कर क्यों है ?
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