थ्योरी ऑफ़ इवोलयूशन
चारों तरफ पानी ही पानी
पानी में उत्पन्न जीव
जिस पर चढ़ी मोटी सी श्लेष्म की पर्त
लिजलिजी सी
विकास के क्रम में
यह लिजलिजापन
अन्दर और अन्दर मन की सात परतों में
छिपता गया
जो दिखता है
ऊपरी आवरण हट जाने पर
और पानी ?
कम होते होते
बस आँखों तक सिमटा
फिर आँख का पानी भी मर गया
महज इतनी ही है" थ्योरी ऑफ़ इवोलयूशन "
पानी में उत्पन्न जीव
जिस पर चढ़ी मोटी सी श्लेष्म की पर्त
लिजलिजी सी
विकास के क्रम में
यह लिजलिजापन
अन्दर और अन्दर मन की सात परतों में
छिपता गया
जो दिखता है
ऊपरी आवरण हट जाने पर
और पानी ?
कम होते होते
बस आँखों तक सिमटा
फिर आँख का पानी भी मर गया
महज इतनी ही है" थ्योरी ऑफ़ इवोलयूशन "
वंदना बाजपेयी
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