मंगलवार, 7 जनवरी 2014

avashesh

                                                            " अवशेष "
                                                            ................... 



देश के एक महानगर में
अति अभिजात्य इलाके में
 पुरातात्विक सर्वेक्षण के दौरान
मैं ढूंढ रही हूँ
कुछ अवशेष

विवाह कि अनिवार्यता को
 अस्वीकारते युवा स्त्री-पुरूषों में
चूड़ी -सिन्दूर और महावर से
जनम-जन्मान्तर तक बंधने वाले
रिश्तों के अवशेष


अपनी स्वतंत्रता और  सुकुमारता
बनाये रखने कि अभिलाषा में
मातृत्व को नकारती युवतियों में
नारी को पूर्ण करने वाली
ममता का अवशेष

बात-बात पर झगड़ते
गाली-गलौज

अपशब्द अश्लील
भाषा का प्रयोग करते
तेज रफ़्तार गाड़ियों में दौड़ते
कमजोरों का स्वाभिमान रौंदते
इन नव  युवको में
 मानवता के अवशेष

अंत में मैं निष्कर्ष निकलती हूँ
माना नव निर्माण के लिए जरूरी है
पुरानी संरचना का ढ़हना
पर ध्यान रखा जाये
कम से कम
मिट्टी तो रहे शेष  ………

vandana bajpai
7.01.14 

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