सोमवार, 23 दिसंबर 2013

uttardayetava

                                                                   "    उत्तरदायित्व "



समाज के 
हर क्षेत्र में होते है
उस क्षेत्र के ठेकेदार
जो अपने क्षेत्र में
जमने वाले
नव अंकुरों पर
इतनी जोर से करते है
आलोचना कि कुल्हाड़ी से वार
हो जाती है हत्या
किसी नव कोपल की
दफ़न हो जाते है
कुछ बीज अपने
सपनो कि मिटटी में
नहीं मिला पाते आँखे
कभी उगते सूरज से
क्या यह उत्तरदायित्व
नहीं है बड़ो का
कि फूट जाने दे कुछ कोपले
निकल आने दे
कुछ पत्तियाँ
मजबूत हो जाने दे
थोडा तना
फिर आजमायें
अपनी कुल्हाड़ी की धार

vandana bajpai

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