कहानी
अशुभ ( part 1 )
सड़क पर एक पंडाल लगा है। बीच में हवन कुंड में अग्नि जल रही है। दो भीमकाय ,विशाल आकार वाले पंडित बैठे मंत्रोचारण कर रहे हैं ... सामने एक स्त्री कि फ़ोटो लगी है , उस पर लाल गुलाब के फूलों की माला चढ़ी हुई है। सभा में आये सब लोग सफ़ेद कपड़े पहने हुए , मुँह पर चुप्पी साधे बैठे हैं।
और वहीं थोड़ी दूर पर बैठी है … दुलारी। शांत,चेहरे पर मुस्कान ,संतोष का भाव। बड़े ध्यान से एक-एक मन्त्र को समझने का प्रयास कर रही है। और क्यों न करे ,इन्हीं मन्त्रों के यान पर बैठकर उसे स्वर्ग जाना है। अब तो आप समझ ही गए होंगे जो स्त्री बैठी है वो है मृतका…उर्फ़ दुलारी की रूह ,आत्मा ,soul।
तभी पंडित जी ने उसके पति दयाराम के हाथ अपने कमंडल से जल निकाल कर देते हुए तीव्र स्वर में कहा ,"हाँ तो मृतका का नाम बताइये।"
" दुलारी।" अपने पति के मुँह से यह नाम सुनते ही वो असहज सी हो गई। "अरे ! ये क्या!… ये तो उसका नाम नहीं है!!"
क्रमशः…
To Be Continued...
अशुभ ( part 1 )
सड़क पर एक पंडाल लगा है। बीच में हवन कुंड में अग्नि जल रही है। दो भीमकाय ,विशाल आकार वाले पंडित बैठे मंत्रोचारण कर रहे हैं ... सामने एक स्त्री कि फ़ोटो लगी है , उस पर लाल गुलाब के फूलों की माला चढ़ी हुई है। सभा में आये सब लोग सफ़ेद कपड़े पहने हुए , मुँह पर चुप्पी साधे बैठे हैं।
और वहीं थोड़ी दूर पर बैठी है … दुलारी। शांत,चेहरे पर मुस्कान ,संतोष का भाव। बड़े ध्यान से एक-एक मन्त्र को समझने का प्रयास कर रही है। और क्यों न करे ,इन्हीं मन्त्रों के यान पर बैठकर उसे स्वर्ग जाना है। अब तो आप समझ ही गए होंगे जो स्त्री बैठी है वो है मृतका…उर्फ़ दुलारी की रूह ,आत्मा ,soul।
तभी पंडित जी ने उसके पति दयाराम के हाथ अपने कमंडल से जल निकाल कर देते हुए तीव्र स्वर में कहा ,"हाँ तो मृतका का नाम बताइये।"
" दुलारी।" अपने पति के मुँह से यह नाम सुनते ही वो असहज सी हो गई। "अरे ! ये क्या!… ये तो उसका नाम नहीं है!!"
क्रमशः…
To Be Continued...
(pic credit:Google;edited)

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