"एक विचार "
सभी है यहाँ मेरे अपने नहीं कोई पराया
फिर जिंदगी में क्यों शिकवा हो किसी से
भरा है जिससे ये दिल नहीं दर्द सिर्फ मेरा
जो झरते आँख से हैं वो आँसू है सभी के
वंदना बाजपेई
16.01.14
सभी है यहाँ मेरे अपने नहीं कोई पराया
फिर जिंदगी में क्यों शिकवा हो किसी से
भरा है जिससे ये दिल नहीं दर्द सिर्फ मेरा
जो झरते आँख से हैं वो आँसू है सभी के
वंदना बाजपेई
16.01.14
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